:
Breaking News

समस्तीपुर के शिवाजीनगर में सेफ्टी टैंक हादसा, जहरीली गैस से गृहस्वामी की मौत, तीन मजदूर गंभीर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

समस्तीपुर के शिवाजीनगर में सेफ्टी टैंक के अंदर जहरीली गैस से गृहस्वामी की मौत हो गई जबकि मिस्त्री और दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी का इलाज जारी है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत दहियाररन्ना पंचायत के शहरु गांव में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां नए बने सेफ्टी टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से गृहस्वामी की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने गए एक मिस्त्री और दो मजदूर गंभीर रूप से बेहोश हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान शहरु गांव निवासी 62 वर्षीय पलटन ठाकुर के रूप में हुई है। वह हजामत (नाई) का काम कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और हाल ही में उन्होंने अपने घर में नया शौचालय सेफ्टी टैंक बनवाया था। सोमवार को जब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शटरिंग हटाने का काम शुरू हुआ, तब यह हादसा हो गया।

बताया जाता है कि काम के दौरान सबसे पहले राजमिस्त्री झिलमिल दास सीढ़ी के सहारे टैंक के अंदर उतरे। जैसे ही वह भीतर पहुंचे, वहां पहले से जमा जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। यह दृश्य देखकर गृहस्वामी पलटन ठाकुर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन्हें बचाने के लिए तुरंत टैंक में उतर गए, लेकिन अंदर पहुंचते ही वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गए।

इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई जब दो मजदूर अजय कुमार और उनका एक साथी भी दोनों को बचाने के लिए टैंक में उतरे। लेकिन अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी और जहरीली गैस के कारण वे भी कुछ ही पलों में बेहोश होकर गिर पड़े। इस तरह एक-एक कर चार लोग टैंक के अंदर फंस गए, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शोर मचाया और बड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल बहेड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गृहस्वामी पलटन ठाकुर को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर हालत में झिलमिल दास और अजय कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) रेफर कर दिया गया।

इस हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर जानलेवा साबित होती है। बिना वेंटिलेशन और बिना सुरक्षा उपकरणों के सेफ्टी टैंक में उतरना बेहद खतरनाक होता है।

ग्रामीणों के अनुसार मृतक पलटन ठाकुर बेहद मेहनती व्यक्ति थे और अपने परिवार का पालन-पोषण मेहनत-मजदूरी से करते थे। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घटना की सूचना मिलने पर शिवाजीनगर थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य में किस स्तर पर लापरवाही हुई।

विशेषज्ञों के अनुसार सेफ्टी टैंक और सीवर जैसी जगहों में जहरीली गैस (जैसे मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड) जमा हो जाती है, जो बिना ऑक्सीजन मास्क के जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे मामलों में सुरक्षा उपकरणों और सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक होता है।

यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर समय पर सुरक्षा उपाय किए जाते तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।

फिलहाल दोनों घायलों का इलाज DMCH में जारी है और उनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

कुल मिलाकर यह घटना पूरे इलाके के लिए एक चेतावनी है कि निर्माण कार्यों में लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *